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||Shri Hari|| Welcome to eBooks in HINDI सब साधनोंका सार by Gita Press, Gorakhpur |
Table of Contents ५.
परमात्मप्राप्तिमें
देरी
क्यों
? ८.
कोटिं
त्यक्त्वा
हरिं
स्मरेत् |
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१. सब साधनोंका सार
२. अपना किसे मानें ?
३. सब कुछ परमात्माका है.
४. सच्ची बात
५. परमात्मप्राप्तिमें देरी क्यों ?
६. कल्याणका निश्चित उपाय
७. अभ्याससे बोध नहीं होता.
८. कोटिं त्यक्त्वा हरिं स्मरेत्
९. नित्यप्राप्तकी प्राप्ति
१०. अनेकतामें एकता
११. रुपयोंके सहारेसे हानि
१२. मामेकं शरणं व्रज
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